हाटस्पाट से घिरा बैतूल ग्रीन जोन में…!!

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enews100 की रिपोर्ट

कोरोना वायरस की महामारी के दौर में बुरी खबर यह है कि मध्यप्रदेश का सीमावर्ती बैतूल जिला चारों ओर से ” हाटस्पाट जिलों ” से घिरा है जहां कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं राहत की खबर यह है कि बैतूल जिले में अभी तक मात्र एक संक्रमित आने से इसके ग्रीन जोन में आने की खबर है।

गौरतलब है कि 14 अप्रैल को लाकडाउन का पहला दौर संपन्न होने पर प्रधानमंत्री ने जहां 3 मई तक लाकडाउन बढ़ाने की घोषणा की वहीं यह संकेत भी दिया कि महामारी से लगभग अछूते रहने वाले क्षेत्रों में कुछ छूट 20 अप्रैल से दी जाएगी।

इसके लिए ही मूल्यांकन का दौर शुरू हुआ और आज हाटस्पाट या रेड जोन वाले 170 जिलों की घोषणा की गई। इनमें महाराष्ट्र के जो 11 जिले में शामिल किए गए हैं उनमें नागपुर और यवतमाल भी शामिल हैं और ये दोनों जिले मुलताई से सीधे जुड़े हैं।
इसी तरह मध्यप्रदेश के जिन 5 जिलों को इस रेडजोन में रखा गया है उनमें इंदौर, भोपाल, होशंगाबाद, खरगौन और उज्जैन हैं। इसमें भी उज्जैन और खरगौन को छोड़कर बाकी सीधे जुड़े हैं। इसके अलावा खंडवा-खरगौन और इंदौर-उज्जैन एक ही साथ होने से बैतूल का इनसे भी जुड़ाव लगभग सीधा है। इस तरह मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के प्रमुख हाटस्पाट से जुड़ा होने के कारण बैतूल चारों और से कोरोना वायरस से घिरा है।

लेकिन फिर भी यदि बैतूल में कोरोना का मात्र एक ही मरीज है तो यह जिला लगभग कोरोना मुक्त है। निसंदेह इसका श्रेय जिला प्रशासन, पुलिस, स्थानीय निकायों और जागरूक जनता को दिया जाना चाहिए।
यदि बैतूल ग्रीन जोन में आएगा तो कई व्यावसायिक गतिविधियों के साथ आगामी समय में भी छूट मिलने की संभावना रहेगी। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि बैतूल कोरोनामुक्त बना रहे। शासन-प्रशासन के साथ आम लोग भी लाकडाउन का पालन कर शारीरिक दूरी बनाने के नियम का पालन करें।

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